देहरादून, 26 सितंबर 2026। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मौहब्बेवाला क्षेत्र के ब्लैक स्पॉट पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए धर्मपुर विधायक विनोद चमोली और जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय क्षेत्रवासियों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने तथा अधिकारियों के साथ दुर्घटनाओं के कारणों और स्थायी समाधान पर चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान ब्लैक स्पॉट पर होने वाली दुर्घटनाओं में ओवरस्पीड और ओवरलोडिंग प्रमुख कारण सामने आए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन पर तत्काल प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। विधायक विनोद चमोली ने भी त्वरित सुधारात्मक कार्यों के साथ दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने तथा स्थानीय लोगों के सुझावों को उसमें शामिल करने को कहा।
24×7 पेट्रोलिंग और सघन चेकिंग
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने दुर्घटना संभावित क्षेत्र में निगरानी और कार्रवाई के लिए टास्क फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत गठित यह टास्क फोर्स तब तक सक्रिय रहेगी, जब तक क्षेत्र में दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित नहीं हो जाता।
उन्होंने पुलिस और परिवहन विभाग को 24×7 नियमित पेट्रोलिंग और सघन चेकिंग करने के निर्देश दिए। घटना स्थल से पहले चेक पोस्ट स्थापित कर विशेष रूप से भारी और लोडिंग वाहनों की ओवरलोडिंग की जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
राउंडअबाउट और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन की तैयारी
डीएम ने चेक पोस्ट के आगे यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए राउंडअबाउट सहित आवश्यक ट्रैफिक प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही बड़े और भारी वाहनों को सुरक्षित तरीके से निर्धारित मार्ग से निकालने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
सड़क की डिजाइन और तकनीकी पहलुओं की होगी जांच
जिलाधिकारी ने एनएच और एनएचआई के वरिष्ठ अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट का तकनीकी रूप से दोबारा परीक्षण करने के निर्देश दिए। इसमें सड़क की डिजाइन, मोड़, ढलान, विजिबिलिटी और यातायात दबाव समेत अन्य तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से मिले सुझावों को भी तकनीकी कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए गए।
साइनेज, CCTV और स्पीड मॉनिटरिंग पर जोर
सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत ब्लैक स्पॉट पर पर्याप्त साइनेज, सीसीटीवी कैमरे, स्पीड ब्रेकर और स्पीड मॉनिटरिंग उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वाहन चालकों को दुर्घटना संभावित क्षेत्र की पहले से जानकारी देने के लिए स्पष्ट चेतावनी संकेतक लगाने तथा वाहनों की गति की नियमित निगरानी करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तात्कालिक उपायों के साथ-साथ स्थायी और तकनीकी समाधान सुनिश्चित किए जाएं। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रभावी परिणाम सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान एनएच, एनएचआई, लोक निर्माण विभाग, पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
