साइबर अपराध, भ्रष्टाचार और नशे के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस का जागरूकता अभियान

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उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में आज देहरादून स्थित सेंट जोसेफ अकादमी (St. Joseph’s Academy) में साइबर सुरक्षा, भ्रष्टाचार जागरूकता एवं नशा उन्मूलन विषयों पर एक वृहद जागरूकता संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा इनिशिएटिव लेकर आयोजित इस कार्यक्रम में देहरादून के विभिन्न निजी एवं सरकारी विद्यालयों के कक्षा 9 से 11 तक के 1200 छात्रों द्वारा उत्साह से प्रतिभाग किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. वी. मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था तथा निदेशक सतर्कता, उत्तराखण्ड ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में ‘जागरूकता’ ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने युवाओं से तकनीक का उपयोग सावधानी और जिम्मेदारी के साथ करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री अंकुश मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड ने छात्रों को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों जैसे— बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, केवाईसी स्कैम, सिम स्वैप फ्रॉड और साइबर स्टॉकिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को साइबर हाईजीन और डेटा गोपनीयता के सिद्धांतों से अवगत कराते हुए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी:

  • ​1930: राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन
  • ​1064: भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन

एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की उपनिरीक्षक प्रेरणा चौधरी द्वारा नशा उन्मूलन सत्र का संचालन किया गया। उन्होंने छात्रों को मादक पदार्थों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करते हुए आत्म-अनुशासन और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के अंत में एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जहाँ विशेषज्ञों ने छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। प्रतिभागी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों द्वारा इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की गई। पुलिस द्वारा छात्रों के बीच पहुँचकर उन्हें जागरूक करने के इस प्रयास को वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता बताया गया। अन्य शिक्षण संस्थानों द्वारा भविष्य में अपने यहाँ भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित कराने का अनुरोध किया गया।

​उत्तराखण्ड पुलिस युवाओं को सामाजिक चुनौतियों से सुरक्षित रखने हेतु ऐसे जनजागरूकता अभियान भविष्य में भी राज्यभर के शिक्षण संस्थानों में निरंतर संचालित करती रहेगी।