मुंबई में तीन दिन का कार्यक्रम ‘इंडिया केम-2026’ आज संपन्न

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मुंबई में 22 अक्टूबर को शुरू हुआ तीन दिन का कार्यक्रम ‘इंडिया केम-2026’ आज संपन्न हो गया।

‘एडवांटेज भारत: एक उभरता हुआ वैश्विक रसायन केंद्र’ विषय पर आयोजित ‘इंडिया केम-2026’ सम्मेलन के 14वें संस्करण ने वैश्विक साझेदारियों को मजबूत किया, निवेश आकर्षित करने का मार्ग प्रशस्त किया और रसायन तथा पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में टिकाऊ विकास को बढ़ावा दिया।

इस कार्यक्रम के दौरान सीईओ फोरम, भारत-जापान, भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपीय संघ फोरम में विचार-मंथन सत्र, व्यावसायिक वार्ता और सार्थक चर्चाएं हुईं। साथ ही, रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों पर गोलमेज चर्चाएं भी आयोजित की गईं।

इस कार्यक्रम में जापान ‘साझीदार देश’ था। भारत और जापान के बीच, विशेष रूप से रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में, बहुत मजबूत व्यापारिक संबंध हैं।

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने ‘इंडिया केम 2026’ का उद्घाटन किया। श्री नड्डा ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उडीसा के मुख्यमंत्रियों तथा केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में रसायन क्षेत्र के उद्योगपतियों, निवेशकों, नवप्रवर्तकों और नीति-निर्माताओं से ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया।

श्री नड्डा ने कहा कि रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जिसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं और यह आर्थिक विकास में बड़ा योगदान दे सकता है।

केंद्रीय मंत्री महोदय ने कहा कि वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए, इस क्षेत्र को एक प्रमुख भूमिका निभानी होगी। इस क्षेत्र को अपने मौजूदा बाजार आकार (लगभग 220 अरब अमेरिकी डॉलर) से बढ़कर वर्ष 2040 तक लगभग 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर और 2047 तक लगभग 1.6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचना होगा।

श्री नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित ‘सीईओ फोरम’ का मुख्य केंद्र उद्योग को मजबूत बनाने, प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी रसायन और पेट्रोकेमिकल हब बनाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाने पर था।

दुनिया भर के उद्योगपतियों ने भारतीय रसायन उद्योग के अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा की।

‘इंडिया केम 2026’ में भारत-जापान, भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपीय संघ रसायन एवं पेट्रोकेमिकल फोरम के अंतर्गत आयोजित विचार-विमर्श सत्रों में, प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के नेताओं ने इस क्षेत्र से जुड़े व्यापार, निवेश और तकनीक के मामले में आपसी सहयोग को और प्रगाढ करने के अवसरों पर चर्चा की।

“एडवांटेज भारत: एक उभरता हुआ वैश्विक रसायन केंद्र” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में कई गोलमेज़ चर्चाएं हुईं। इनमें विशेष रसायन, रसायन और पेट्रोकेमिकल के लिए बुनियादी ढांचा, कृषि रसायन, पर्यावरण संबंधी मुद्दे, संयंत्र मशीनरी तथा पंप और वाल्व जैसे विषय शामिल थे, जो इस क्षेत्र की तेज़ वृद्धि के सामने मौजूद समकालीन चुनौतियां हैं।

‘इंडिया केम 2026’ के 14वें संस्करण में एक नई पहल “इंडिया केम युवा नवाचार चुनौती” देखने को मिली, जिसका उद्देश्य युवा नवोन्मेषकों को भारत के रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र से जोड़ना था। इसमें युवा विद्यार्थियों ने रसायन उद्योग से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधानों पर काम किया, जिनका मूल्यांकन उद्योग जगत के विशेषज्ञों की एक निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। पहला पुरस्कार आईसीटी, मुंबई के विद्यार्थियों सौम्या भोले और सार्थक काले ने जीता। वीएनआईटी, नागपुर के सुमन बटवे और सलोनी महादेसर ने दूसरा, तथा आईआईटी, गांधीनगर के जश प्रसाद और स्मित बांभोरलिया ने तीसरा पुरस्कार हासिल किया।

रसायन और पेट्रोकेमिकल विभाग तथा फिक्की द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और सरकारी प्रतिनिधियों को इस क्षेत्र से जुड़े खास विषयों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच प्रदान किया। इसमें निवेश की संभावनाओं, नियामक ढांचे और रणनीतिक चुनौतियों जैसे विषयों पर बातचीत हुई।

इस विश्व-स्तरीय प्रदर्शनी में इस क्षेत्र की प्रमुख भारतीय और वैश्विक कंपनियों के साथ-साथ कई भारतीय राज्यों के मंडप लगाए गए थे। इनमें महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उडीसा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश और बिहार राज्य शामिल हैं।

इस कार्यक्रम में जापान, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ के देशों, लैटिन अमेरिका, कोरिया गणराज्य और आसियान देशों सहित कई देशों ने भाग लिया। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में 5000 से अधिक आगंतुक शामिल हुए।