पुलिस अधीक्षक चमोली श्वेताचौबे के निर्देशानुसार आज अग्निशमन सेवा सप्ताह के अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक चमोली धन सिंह तोमर महोदय द्वारा प्रभारी अग्निशमन गोपेश्वर संदेश सकलानी के नेतृत्व में शोक परेड का आयोजन कर विगत वर्ष में अग्निशमन कार्य के दौरान देश में शहीद हुए सभी फायर कर्मियों को श्रद्धान्जलि दी गई व 02 मिनट का मौन रखा गया। तत्पश्चात उपस्थित सभी कर्मियों को आग से होने वाले प्राकृतिक, आर्थिक, वन सम्पदा सम्बन्धी नुकसान के बारे में अवगत कराया, तथा अपने कर्तव्यों के प्रति सदैव तत्पर रहने, कहीं भी आग की सूचना मिलने पर कम से कम समय में तत्काल घटना स्थल पर पहुंचकर आग पर काबू पाने हेतु निर्देशित किया गया।
14 अप्रैल 1944 को बॉम्बे बन्दरगाह में फोर्ट स्टीफेन नामक जहाज जिसमें युद्ध सामग्री, टनो विस्फोटक पदार्थ, रूई आदि लदा हुआ था उसमें अचानक आग लग गई थी। अकलजेन्डा डाक फायर स्टेशन और कानेक ब्रिज फायर स्टेशन से फायर टैण्डर के अग्निशमन कार्य करने के दौरान विस्फोटक पदार्थों में धमाका होने से 66 अधिकारी/कर्मचारयों ने अपने प्राणों की आहूति दी थी। तब से भारत सरकार ने 14 अप्रैल अग्निशमन सेवा दिवस के रुप में मनाने का निर्णय लिया गया था, जो कालान्तर में 14-20 अप्रैल तक अग्निशमन सेवा सप्ताह के रूप में मनाया जाता है।
पुलिस उपाधीक्षक चमोली द्वारा फायर सर्विस के वाहनों को प्रचार-प्रसार हेतु हरी झड़ी दिखाकर विभिन्न क्षेत्रों में आमजनमानस को आग से होने वाले नुकसान की जागरूकता हेतु रवाना किया गया।
इस अवसर पर प्रतिसार निरीक्षक रविकान्त सेमवाल, यातायात उपनिरीक्षक दिगम्बर उनियाल आदि समस्त फायर कर्मियों द्वारा शहीद फायर कर्मियों को श्रद्धान्जलि दी गयी ।
